Posts

Showing posts with the label सामाजिक

हिन्दू गांव में एक घर

बाबा बागेश्वर बनाएंगे हिन्दू गाँव.. ये सुंदर केस स्टडी है। पर पहले, हिन्दू राष्ट्र / मुस्लिम राष्ट्र को संक्षिप्त में समझिए। ●● हिन्दू और मुस्लिम, पूजन पद्धति है, पंथ, कल्ट, संस्कृति, जीवन शैली है।ये आपकी पत्नी या पति, मां, बाप, साबुन, तेल, टूथपेस्ट की तरह पूर्णतया निजी वस्तु है। राष्ट्र एक राजनीतिक व्यवस्था है। यह यह सार्वजनिक व्यवस्था है। एक विशिष्ट भूभाग के सभी व्यक्ति, सारे समाज, बिना कॉन्फ्लिक्ट, न्यूनतम सहमतियों के आधार पर एक साथ, कुछ नियम कायदों के तहत रहें। ●● आप लाइफबॉय से नहाए, पड़ोसी लक्स से। यह पसन्द जन्म से आपके पल्ले पड़ी, या आपने चॉइस भी किया हो सकता है- (भले ही राइस बैग लेकर) लेकिन निजी जीवन में, चार दीवारों के भीतर। वहां रहो कट्टर रामभक्त या कट्टर सुन्नतवादी। बाथरूम में लक्स से नहाओ, या रिन से.. सरकार द्वारा निर्धारित, कोई राष्ट्रीय साबुन नही होना चाहिए।देश की राजव्यवस्था, साबुन निरपेक्ष होनी चाहिए। धर्मनिरपेक्ष भी होनी चाहिए। ●● साबुन का मामला आसान है। क्योकि साबुन के साथ कोई किताब नही जुड़ी। धर्म के साथ जुड़ी होती है। संविधान एक सेट ऑफ रूल्स है। धार्म...